सूर्य नमस्कार कैसे करते हैं? जानें विधि, 12 मंत्र और इसके 20 अद्भुत फायदे (Complete Guide)

सूर्य नमस्कार (Sun Salutation) केवल एक व्यायाम नहीं है; यह शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने का एक प्राचीन विज्ञान है। भारतीय संस्कृति में सूर्य को देवता और ऊर्जा का परम स्रोत माना गया है। योग शास्त्र में सूर्य नमस्कार को सभी आसनों का राजा माना जाता है।

अगर आप इंटरनेट पर यह ढूंढ रहे हैं कि suryanamaskaar kaise karte hai aur iske kitne fayde hai, तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं। इस विस्तृत गाइड में हम सूर्य नमस्कार के हर छोटे-बड़े पहलू को विस्तार से जानेंगे।

1- सूर्य नमस्कार क्या है?

‘सूर्य नमस्कार’ दो शब्दों से मिलकर बना है— ‘सूर्य’ (ऊर्जा का स्रोत) और ‘नमस्कार’ (वंदन या नमन करना)। यह 12 शक्तिशाली योग आसनों का एक समूह (sequence) है। जब इन 12 आसनों को एक विशेष क्रम में सांसों के तालमेल के साथ किया जाता है, तो यह एक ‘साइकिल’ कहलाता है।

यह शरीर के हर अंग, हर मांसपेशी और हर ग्रंथि (glands) को सक्रिय करता है। चाहे वजन घटाना हो, चेहरे पर चमक लानी हो, या मन को शांत करना हो—सूर्य नमस्कार एक “कम्प्लीट हेल्थ पैकेज” है। ये हमारे मॉर्निंग रूटीन का हिस्सा होना ही चाहिए ।

2- सूर्य नमस्कार का इतिहास और महत्व।

वैदिक काल से ही भारत में सूर्य की उपासना की जाती रही है। ऋग्वेद में कहा गया है— “सूर्य आत्मा जगतस्तस्थुषश्च” (सूर्य ही इस जगत की आत्मा है)। प्राचीन ऋषि-मुनियों ने समझा कि हमारे शरीर के भीतर एक ‘सौर चक्र’ (Solar Plexus) होता है, जो नाभि के पीछे स्थित है। सूर्य नमस्कार का अभ्यास सीधे तौर पर इस सौर केंद्र को ऊर्जावान बनाता है, जिससे व्यक्ति की रचनात्मकता और अंतर्ज्ञान (Intuition) बढ़ता है।

3- सूर्य नमस्कार करने का सही समय और नियम।

सूर्य नमस्कार का पूरा लाभ उठाने के लिए कुछ नियमों का पालन करना अनिवार्य है:

  • समय- सबसे उत्तम समय सूर्योदय (Sunrise) का होता है। सुबह खाली पेट इसे करना सबसे अधिक लाभकारी है क्योंकि उस समय वातावरण में ओजोन और सकारात्मक ऊर्जा अधिक होती है।

  • दिशा- अपना मुख पूर्व दिशा (East) की ओर रखें।

  • स्थान- खुली हवादार जगह, जहाँ ताजी हवा आती हो।

  • वस्त्र: ढीले और आरामदायक सूती कपड़े पहनें।

  • मैट (Mat): जमीन पर सीधे न करें, योगा मैट या दरी का प्रयोग करें।

4- सूर्य नमस्कार के 12 मंत्र और उनका अर्थ।

सूर्य नमस्कार के हर आसन के साथ एक विशिष्ट मंत्र का उच्चारण किया जाता है। ये मंत्र सूर्य के 12 अलग-अलग नामों और गुणों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

  1. ॐ मित्राय नमः (विश्व के मित्र को नमन)

  2. ॐ रवये नमः (प्रकाशमान को नमन)

  3. ॐ सूर्याय नमः (अंधकार मिटाने वाले को नमन)

  4. ॐ भानवे नमः (चेतना के दाता को नमन)

  5. ॐ खगाय नमः (आकाश में विचरण करने वाले को नमन)

  6. ॐ पूष्णे नमः (पोषण करने वाले को नमन)

  7. ॐ हिरण्यगर्भाय नमः (स्वर्ण जैसे तेज वाले को नमन)

  8. ॐ मरीचये नमः (किरणों के स्वामी को नमन)

  9. ॐ आदित्याय नमः (ब्रह्मांडीय माता अदिति के पुत्र को नमन)

  10. ॐ सवित्रे नमः (जीवन दाता को नमन)

  11. ॐ अर्काय नमः (प्रशंसा के योग्य को नमन)

  12. ॐ भास्कराय नमः (ज्ञान का प्रकाश देने वाले को नमन)

5- स्टेप-बाय-स्टेप विधि:- सूर्य नमस्कार कैसे करते हैं?

अब हम मुख्य काम पर आते हैं— Suryanamaskaar kaise karte hai। यहाँ 12 आसनों की विस्तृत विधि दी गई है।

सूर्य नमस्कार

स्टेप 1: प्रणाम आसन (Pranamasana – Prayer Pose)

  • विधि: अपने मैट के किनारे पर सीधे खड़े हो जाएं। दोनों पंजों को आपस में मिला लें।

  • सांस: गहरी सांस लें और छोड़ते हुए दोनों हाथों को छाती के सामने जोड़कर ‘नमस्ते’ की मुद्रा बनाएं।

  • दृष्टि: सामने की ओर। मन शांत।

स्टेप 2: हस्त उत्तानासन (Hastauttanasana – Raised Arms Pose)

  • विधि: सांस भरते हुए (Inhale) दोनों हाथों को ऊपर उठाएं और सिर के पीछे की ओर ले जाएं। कमर से शरीर को थोड़ा पीछे झुकाएं।

  • ध्यान दें: कोहनियां सीधी रहें और बाइसेप्स कानों से सटे हों।

स्टेप 3: पादहस्तासन (Hastapadasana – Hand to Foot Pose)

  • विधि: सांस छोड़ते हुए (Exhale) कमर से आगे की ओर झुकें। रीढ़ की हड्डी सीधी रखें। प्रयास करें कि हथेलियां पंजों के बगल में जमीन को छुएं और सिर घुटनों से लग जाए।

  • टिप: शुरुआत में घुटने थोड़े मुड़ सकते हैं, जबरदस्ती न करें।

स्टेप 4: अश्व संचालनासन (Ashwa Sanchalanasana – Equestrian Pose)

  • विधि: सांस भरते हुए (Inhale), अपना दायां (Right) पैर पीछे ले जाएं। दायां घुटना जमीन पर रखें और नजर ऊपर आसमान की ओर करें। बायां पैर दोनों हथेलियों के बीच में रहेगा।

स्टेप 5: दंडासन (Dandasana – Stick Pose)

  • विधि: सांस रोककर (Hold Breath) बाएं पैर को भी पीछे ले जाएं। शरीर को एक सीधी रेखा में (Plank position) रखें।

  • ध्यान दें: वजन कलाइयों पर होगा, शरीर न ज्यादा ऊपर हो न नीचे।

स्टेप 6: अष्टांग नमस्कार (Ashtanga Namaskar – Salute with Eight Parts)

  • विधि: सांस छोड़ते हुए (Exhale) धीरे से अपने घुटने जमीन पर टिकाएं, फिर छाती और ठुड्डी (Chin) को जमीन से लगाएं।

  • नोट: आपके कूल्हे (Hips) थोड़े ऊपर उठे रहेंगे। शरीर के 8 अंग (दो हाथ, दो पैर, दो घुटने, छाती और ठुड्डी) जमीन को छूते हैं।

स्टेप 7: भुजंगासन (Bhujangasana – Cobra Pose)

  • विधि: सांस भरते हुए (Inhale) छाती को आगे की ओर खिसकाएं और ऊपर उठाएं। कोहनियां थोड़ी मुड़ी रहें और कंधे कानों से दूर। नाभि तक का हिस्सा जमीन पर ही रहेगा।

स्टेप 8: अधोमुख श्वानासन (Adho Mukha Svanasana – Mountain Pose)

  • विधि: सांस छोड़ते हुए (Exhale) कूल्हों और टेलबोन को ऊपर उठाएं। शरीर ‘V’ आकार में आ जाएगा। एड़ियों को जमीन पर लगाने की कोशिश करें।

 

स्टेप 9: अश्व संचालनासन (Ashwa Sanchalanasana)

  • विधि: सांस भरते हुए (Inhale) वही दायां (Right) पैर आगे लाएं और दोनों हथेलियों के बीच रखें। (स्टेप 4 की पुनरावृत्ति)।

स्टेप 10: पादहस्तासन (Hastapadasana)

  • विधि: सांस छोड़ते हुए (Exhale) बाएं पैर को भी आगे लाएं। (स्टेप 3 की पुनरावृत्ति)।

स्टेप 11: हस्त उत्तानासन (Hastauttanasana)

  • विधि: सांस भरते हुए (Inhale) हाथों को ऊपर ले जाएं और पीछे झुकें। (स्टेप 2 की पुनरावृत्ति)।

स्टेप 12: प्रणाम आसन (Pranamasana)

  • विधि: सांस छोड़ते हुए (Exhale) वापस नमस्कार मुद्रा में आ जाएं।

(नोट: यह आधा राउंड हुआ। इसे पूरा करने के लिए यही प्रक्रिया बाएं पैर (Left Leg) से भी दोहराएं।)

6. सूर्य नमस्कार के अद्भुत फायदे (Iske Kitne Fayde है।

सूर्य नमस्कार के फायदे अनगिनत हैं। इसे हम तीन मुख्य श्रेणियों में बांट सकते हैं:

A. शारीरिक फायदे (Physical Benefits)

  1. वजन घटाने में कारगर (Weight Loss):- सूर्य नमस्कार एक बेहतरीन कार्डियो वर्कआउट है। अगर आप तेज गति से 12 सेट करते हैं, तो यह लगभग 150-200 कैलोरी जला सकता है। यह मेटाबॉलिज्म (Metabolism) को बूस्ट करता है जिससे पेट की चर्बी तेजी से घटती है।

  2. पाचन तंत्र की मजबूती (Improves Digestion): आगे झुकने और पीछे मुड़ने वाले आसन पेट के अंगों की मालिश करते हैं। इससे कब्ज, अपच और गैस जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

  3. त्वचा में निखार (Glowing Skin): लगातार अभ्यास से ब्लड सर्कुलेशन (Blood Circulation) चेहरे की ओर बढ़ता है, जिससे विषाक्त पदार्थ (Toxins) पसीने के जरिए बाहर निकलते हैं और त्वचा चमकने लगती है। यह झुर्रियों को भी कम करता है।

  4. लचीलापन (Flexibility): यह शरीर की जकड़न को खोलता है। रीढ़ की हड्डी, हैमस्ट्रिंग और कंधों की मांसपेशियों को लचीला बनाता है।

  5. महिलाओं के लिए वरदान (Menstrual Health): नियमित अभ्यास से मासिक धर्म (Periods) की अनियमितता दूर होती है और पीसीओडी (PCOD/PCOS) जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। यह पेल्विक क्षेत्र की मांसपेशियों को मजबूत करता है।

B. मानसिक फायदे (Mental Benefits)

  1. तनाव और चिंता से मुक्ति (Stress Relief): गहरी सांसों के साथ किए जाने वाले आसन नर्वस सिस्टम को शांत करते हैं। यह कोर्टिसोल (Stress Hormone) को कम करता है।

  2. एकाग्रता (Focus): त्राटक और संतुलन वाले आसनों से दिमाग तेज होता है और याददाश्त बढ़ती है।

C. आध्यात्मिक फायदे (Spiritual Benefits)

यह मणिपुर चक्र (Solar Plexus Chakra) को जागृत करता है। इससे व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व गुण विकसित होते हैं।

7. वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific Perspective)

विज्ञान के अनुसार, सूर्य नमस्कार एरोबिक (Aerobic) और एनारोबिक (Anaerobic) व्यायाम का मिश्रण है। जब हम पीछे झुकते हैं, तो फेफड़े फैलते हैं और ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है। जब हम आगे झुकते हैं, तो सांस छोड़ते हैं जिससे शरीर डिटॉक्स होता है। यह एंडोक्राइन सिस्टम (Endocrine System) को संतुलित करता है, विशेष रूप से थायरॉयड, पिट्यूटरी और एड्रेनल ग्रंथियों को।

8. सावधानियां: किसे सूर्य नमस्कार नहीं करना चाहिए?

हालांकि यह सुरक्षित है, लेकिन कुछ स्थितियों में सावधानी बरतनी चाहिए:

  • गर्भवती महिलाएं (Pregnant Women): गर्भावस्था के तीसरे महीने के बाद इसे बंद कर देना चाहिए या किसी विशेषज्ञ की देखरेख में संशोधित रूप में करना चाहिए।

  • हर्निया और हाई ब्लड प्रेशर: हर्निया के मरीजों और बहुत अधिक हाई बीपी वालों को विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।

  • पीठ दर्द (Back Pain): अगर स्लिप डिस्क या गंभीर पीठ दर्द है, तो आगे झुकने वाले आसन न करें।

  • चोट: कलाई या टखने में ताजा चोट हो तो अभ्यास न करें।

9. शुरुआत कैसे करें? (Beginner’s Tips)

  1. धीमी गति: शुरुआत में 2 से 4 राउंड ही करें। गति धीमी रखें और पोस्चर (Posture) सही करने पर ध्यान दें।

  2. जबरदस्ती न करें: शरीर जितना मुड़ सके, उतना ही मोड़ें।

  3. निरंतरता: हफ्ते में एक दिन 50 राउंड करने से बेहतर है रोज 5 राउंड करना।

  4. शवासन: अभ्यास के बाद 5 मिनट शवासन (Savasana) में लेटकर शरीर को रिलैक्स जरूर करें।

10. निष्कर्ष (Conclusion)

तो दोस्तों, यह था विस्तृत विवरण कि Suryanamaskaar kaise karte hai aur iske kitne fayde hai। सूर्य नमस्कार केवल शरीर को फिट रखने का जरिया नहीं है, बल्कि यह खुद को ब्रह्मांडीय ऊर्जा से जोड़ने का एक माध्यम है।

चाहे आप छात्र हों, गृहिणी हों या कॉरपोरेट कर्मचारी, दिन में केवल 10-15 मिनट निकालकर सूर्य नमस्कार करने से आपका जीवन बदल सकता है। आज ही से अपनी दिनचर्या में इसे शामिल करें और स्वास्थ्य का उपहार पाएं।

11. 30 दिनों का सूर्य नमस्कार चैलेंज (30-Day Suryanamaskar Challenge)

बहुत से लोग जोश में आकर पहले ही दिन 20-30 राउंड कर लेते हैं और अगले दिन बदन दर्द के कारण छोड़ देते हैं। सफलता का राज निरंतरता (Consistency) में है, तीव्रता में नहीं।

यहाँ शुरुआती लोगों (Beginners) के लिए एक वैज्ञानिक रूप से तैयार किया गया 30-दिन का चार्ट है:

सप्ताह (Week) दिन (Day) राउंड्स की संख्या (Sets) गति (Speed) फोकस (Focus)
सप्ताह 1: नींव रखना डे 1 – 3 2 – 3 राउंड बहुत धीमी आसनों को सही करने (Posture) पर ध्यान दें।
डे 4 – 7 4 राउंड धीमी सांसों के तालमेल (Breathing Sync) पर ध्यान दें।
सप्ताह 2: स्टैमिना बढ़ाना डे 8 – 10 6 राउंड मध्यम शरीर में गर्मी और ऊर्जा महसूस करें।
डे 11 – 14 8 राउंड मध्यम होल्डिंग टाइम थोड़ा बढ़ाएं।
सप्ताह 3: चुनौती डे 15 – 17 10 राउंड मध्यम/तेज बिना रुके करने का प्रयास करें।
डे 18 – 21 12 राउंड तेज यह एक पूर्ण कार्डियो वर्कआउट जैसा होगा।
सप्ताह 4: मास्टरी डे 22 – 25 15 – 20 राउंड अपनी क्षमता अनुसार ध्यान और मंत्रों के साथ करें।
डे 26 – 30 25+ राउंड प्रवाह (Flow) अब यह आपकी आदत बन चुका है।

प्रो टिप:- हर 6 दिन के बाद 1 दिन का विश्राम (Rest Day) लें ताकि मांसपेशियों को रिकवर होने का समय मिले।

12. सूर्य नमस्कार में की जाने वाली सामान्य गलतियां (Common Mistakes to Avoid)

अक्सर लोग अनजाने में ये गलतियां करते हैं, जिससे उन्हें कमर दर्द या गर्दन में अकड़न हो सकती है। अपने पाठकों को इनसे सावधान करें:

1. सांसों को भूल जाना (Ignoring Breath)

  • गलती: लोग सिर्फ शारीरिक मूवमेंट पर ध्यान देते हैं और सांस रोक लेते हैं या अनियमित सांस लेते हैं।

  • सुधार: याद रखें, जब शरीर फैलता है या पीछे झुकता है तो सांस लें (Inhale), और जब शरीर सिकुड़ता है या आगे झुकता है तो सांस छोड़ें (Exhale)

2. रीढ़ की हड्डी पर जोर देना (Straining the Spine)

  • गलती: हस्त उत्तानासन (पीछे झुकना) या भुजंगासन में लोग लोअर बैक (Lower back) पर बहुत ज्यादा जोर डालते हैं।

  • सुधार: अपनी क्षमता से अधिक न झुकें। खिंचाव महसूस होना चाहिए, दर्द नहीं।

3. प्लैंक (दंडासन) में कूल्हों का गलत पोस्चर

  • गलती: दंडासन में कूल्हों को बहुत ऊपर उठाना या जमीन की तरफ लटका देना।

  • सुधार: शरीर सिर से एड़ी तक एक सीधी रेखा (Straight Line) में होना चाहिए। पेट की मांसपेशियों को टाइट रखें।

4. अष्टांग नमस्कार में पूरा लेट जाना

  • गलती: कई लोग पेट को भी जमीन पर लगा देते हैं।

  • सुधार: सिर्फ 8 अंग (पैर, घुटने, हथेलियां, छाती, ठुड्डी) जमीन पर होने चाहिए। कूल्हे और पेट जमीन से थोड़ा ऊपर रहने चाहिए।

5. जल्दबाजी करना (Rushing)

  • गलती: सिर्फ गिनती पूरी करने के लिए तेजी से हाथ-पैर चलाना।

  • सुधार: सूर्य नमस्कार कोई रेस नहीं है। हर आसन में 1-2 सेकंड रुकें और उसे महसूस करें।

13. सूर्य नमस्कार के लिए आहार (Diet Plan for Practitioners)

योग का पूरा लाभ तभी मिलता है जब आपका आहार (Diet) सही हो।

अभ्यास से पहले (Pre-Workout):-

  • सूर्य नमस्कार हमेशा खाली पेट करना चाहिए।

  • अगर बहुत भूख लगी है या कमजोरी महसूस हो रही है, तो अभ्यास से 20 मिनट पहले गुनगुना पानी और आधा केला या थोड़े से भीगे हुए बादाम ले सकते हैं।

अभ्यास के बाद (Post-Workout):-

  • अभ्यास के तुरंत बाद पानी न पिएं, कम से कम 15-20 मिनट रुकें।

  • नाश्ते में सात्विक भोजन लें: दलिया, ओट्स, फल, हरी मूंग की दाल या स्प्राउट्स।

  • तली-भुनी और भारी चीजों से बचें क्योंकि योग के बाद जठराग्नि (Digestive Fire) सक्रिय होती है, उसे पोषण दें, कचरा नहीं।

14. निष्कर्ष (Updated Conclusion)

सूर्य नमस्कार केवल एक व्यायाम पद्धति नहीं, बल्कि एक जीवनशैली है। यह आपको अनुशासित (Disciplined) बनाता है। जब आप सुबह उठकर सूर्य को नमन करते हैं, तो आप प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।

इस ब्लॉग पोस्ट में हमने जाना कि suryanamaskaar kaise karte hai, इसके मंत्र, फायदे और 30 दिनों का प्लान क्या है। अब बारी आपकी है। कल सुबह का अलार्म लगाएं, अपनी योगा मैट बिछाएं और स्वास्थ्य की ओर पहला कदम बढ़ाएं।

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