The Power of Gratitude- (कृतज्ञता की शक्ति)।

सुबह उठते ही अगर आपका पहला विचार धन्यवाद या Gratitude से होता है, तो समझ लीजिए आज आपका दिन चमत्कारी होने वाला है।”

the power of gratitude –

यह gratitude word कोई मोटिवेशनल डायलॉग नहीं है, यह एक यूनिवर्सल लॉ (Universal Law) है। यूनिवर्स उसी को और अधिक देता है, जो पहले से उसकी ब्लेसिंग्स (Blessings) को महसूस करता है। आज से हर सुबह बस 15 मिनट इन ग्रेटट्यूड अफमेशंस को सुनिए और देखिए कि कैसे आपकी सोच, आपका दिन और आपकी किस्मत सब बदलने लगते हैं।

यह शब्द सिर्फ वाक्य नहीं हैं; यह आपके भाग्य को रिप्रोग्राम करने वाली कोडिंग है। अगर आप इन्हें 21 दिन लगातार सुन लेंगे, तो आपकी जिंदगी में वो सब मैनिफेस्ट (Manifest) होना शुरू हो जाएगा, जो अब तक आपने बस चाहा था।

Gratitude का साइंस और ब्रह्मांडीय रहस्य-

सुबह उठते ही अगर आपका पहला विचार धन्यवाद होता है, तो यह केवल एक संस्कार नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली मानसिक और ब्रह्मांडीय क्रिया है। न्यूरोसाइंस के अनुसार, जब हम दिल से किसी चीज के लिए आभार व्यक्त करते हैं—चाहे वह छोटी सी चीज क्यों न हो—हमारा ब्रेन ‘डोपामिन’ और ‘सेरोटोनिन’ जैसे ‘फील गुड केमिकल्स’ रिलीज करता है। यही रसायन हमें खुशी, सुकून और आत्मविश्वास की अनुभूति कराते हैं।

असली कमाल तब होता है जब आप लगातार ग्रेटट्यूड को प्रैक्टिस करते हैं, क्योंकि इससे आपके दिमाग में मौजूद न्यूरल पाथवेज (Neural Pathways) बदलने लगते हैं। यह एक मानसिक योग जैसा है, जिससे आपका ब्रेन हर दिन सकारात्मकता को ‘डिफॉल्ट’ मानने लगता है। आपके सबकॉन्शियस माइंड में एक नया बिलीफ सिस्टम बनता है कि “आप हमेशा ब्लेस्ड हैं, प्रोटेक्टेड हैं और सपोर्टेड हैं।” यही बिलीफ सिस्टम यूनिवर्स को एक क्लियर सिग्नल भेजता है: “इस आत्मा को और देना है क्योंकि यह पहले से आभारी है।”

ब्रह्म मुहूर्त का महत्व-

सुबह 3:30 से 5:30 का समय, जब धरती, ब्रह्मांड और आपके भीतर की ऊर्जा सबसे शुद्ध होती है, उसे ही ब्रह्म मुहूर्त कहते हैं। इस समय आपका मस्तिष्क अल्फा और थीटा ब्रेन वेव स्टेट में होता है। यानी एक ऐसी स्थिति जहां आपका चेतन मन (Conscious Mind) और अवचेतन मन (Subconscious Mind) लगभग एक साथ जागरूक होते हैं। जो भी विचार आप इस स्थिति में डालते हैं, वह गहराई से आपके अंदर इंप्रिंट हो जाते हैं। मानो आप अपनी किस्मत को मैनुअली रिप्रोग्राम कर रहे हों।

ब्रह्मांड के 3 रहस्यमय नियम जो Gratitude से एक्टिवेट होते हैं।

  1. लॉ ऑफ रेजोनेंस (Law of Resonance – कंपन का नियम): आप जिस भावना के साथ जीते हैं, वह कंपन (Vibration) ब्रह्मांड तक पहुंचती है। ग्रेटट्यूड सबसे हाई फ्रीक्वेंसी भावनाओं में से एक है। जब आप आभार में होते हैं, तो आपकी ऊर्जा डिवाइन फ्रीक्वेंसी से मैच होती है और ब्रह्मांड आपको वैसा ही अनुभव वापस भेजता है।
  2. लॉ ऑफ वाइब्रेशन (Law of Vibration – ऊर्जा की गति का नियम): इस ब्रह्मांड में हर चीज—एक विचार, एक भावना, एक वस्तु—सब कुछ वाइब्रेट करता है। ग्रेटट्यूड की वाइब्रेशन सबसे प्योर और मैग्नेटिक होती है। जब आप “थैंक्यू यूनिवर्स” बार-बार दोहराते हैं, तो आपकी फ्रीक्वेंसी अबंडेंस, पीस और हीलिंग से जुड़ जाती है। यही वो वाइब्रेशन है जो मनी, लव, ओपोरर्चुनिटी और मिरेकल्स को आपकी ओर खींचती है।
  3. लॉ ऑफ असंपशन (Law of Assumption – विश्वास का नियम): जो आप मानते हैं, वही आपका सच बनता है। ग्रेटट्यूड का अभ्यास आपको इस स्थिति में लाता है कि आप पहले से मानने लगते हैं कि “मेरे पास सब कुछ है” और यही एजमशन (Assumption) ही रियलिटी बनने लगती है। यूनिवर्स को भ्रम नहीं होता; वह आपकी भावना और विश्वास को पकड़ कर उसे हकीकत में बदल देता है।

example for gratitude (कृतज्ञता के लिए एक उदहारण) :-

दोस्तों gratitude वह भावना है जो हमें वर्तमान क्षण में जीना सिखाती है। जब हम अपने जीवन में मौजूद छोटी-छोटी चीज़ों के लिए धन्यवाद महसूस करते हैं — जैसे स्वास्थ्य, समय, सीखने का अवसर, या किसी अपने का साथ — तब हमारा मन शांत और सकारात्मक हो जाता है। कृतज्ञता हमें यह एहसास दिलाती है कि कमी से ज़्यादा हमारे पास बहुत कुछ है। रोज़ थोड़ा सा आभार व्यक्त करने से सोच बदलती है, तनाव कम होता है और जीवन में संतोष व आनंद बढ़ता है। जो व्यक्ति कृतज्ञ होता है, वही सच्चे अर्थों में समृद्ध होता है।

मान लीजिए कोई छात्र रोज़ सुबह उठकर यह सोचता है कि उसके पास क्या-क्या नहीं है — बेहतर मोबाइल नहीं, ज़्यादा सुविधाएँ नहीं, या तुरंत सफलता नहीं मिल रही। इससे उसका मन भारी और नकारात्मक हो जाता है।
लेकिन जिस दिन वह यह कहना शुरू करता है —
“मैं आभारी हूँ कि मेरे पास सीखने का अवसर है, पढ़ने के लिए समय है और मेरा शरीर स्वस्थ है” — उसी दिन उसकी सोच बदलने लगती है।
वह पढ़ाई को बोझ नहीं, अवसर की तरह देखने लगता है। धीरे-धीरे उसका आत्मविश्वास बढ़ता है, तनाव कम होता है और वह पहले से बेहतर प्रदर्शन करने लगता है।

यही कृतज्ञता की शक्ति है —
परिस्थितियाँ वही रहती हैं,
लेकिन दृष्टिकोण बदल जाता है।

power of gratitude

 

33 शक्तिशाली मॉर्निंग Gratitude Affirmations

इन अफमेशंस को केवल सुनिए नहीं, उन्हें अपने दिल और आत्मा से महसूस कीजिए।

  1. मैं हर सुबह ब्रह्मांड को धन्यवाद देता हूं अपने जीवन के लिए।
  2. मेरे पास जो कुछ भी है, वह मेरी आत्मा की समृद्धि का प्रतीक है। (What I already have is a reflection of my soul’s abundance.)
  3. मैं हर सांस, हर धड़कन के लिए आभारी हूं।
  4. ब्रह्मांड की सारी ऊर्जा मेरे पक्ष में काम कर रही है।
  5. मैं आज भीतर की शांति, ऊर्जा और आनंद को पूरी तरह महसूस करता हूं।
  6. मेरे जीवन की हर घटना मुझे महान बनने की दिशा में ले जा रही है।
  7. मैं अपने शरीर, अपने मन और अपनी आत्मा के लिए आभारी हूं।
  8. ब्रह्मांड मुझे लगातार गाइड कर रहा है, प्रेम और प्रकाश की दिशा में।
  9. मैं असीम अवसरों को आकर्षित करने वाला चुंबक हूं।
  10. मेरी फ्रीक्वेंसी अबंडेंस, हीलिंग और मिरेकल्स की है।
  11. मैं हर सुबह नए सिरे से शुरुआत करने के लिए आभारी हूं।
  12. मैं धन की ऊर्जा को खुले दिल से स्वीकार करता हूं।
  13. मेरा सबकॉन्शियस माइंड अब सफलता के लिए रिप्रोग्राम हो रहा है।
  14. हर दिन ब्रह्मांड मुझे सही दिशा में संकेत देता है।
  15. मैं जिस चीज के लिए आभारी हूं, वह मेरे जीवन में और बढ़ती जाती है।
  16. मैं इस जीवन की यात्रा के हर अनुभव के लिए आभार व्यक्त करता हूं।
  17. मैं डिवाइन इंटेलिजेंस से जुड़ा हुआ हूं—हर पल, हर सांस में।
  18. मेरी आत्मा जाग रही है और मेरा जीवन निखर रहा है।
  19. मेरे विचार, मेरे शब्द और मेरी भावनाएं अब सकारात्मकता से भरी हैं।
  20. मैं प्रेम का स्रोत हूं और मैं प्रेम को अपने जीवन में आमंत्रित करता हूं।
  21. मैं अपने भीतर की शक्ति को पहचान रहा हूं और उसे जागृत कर रहा हूं।
  22. यूनिवर्स हमेशा मेरी मदद के लिए तैयार रहता है, जब मैं ट्रस्ट करता हूं।
  23. मैं अब डर और संदेह से मुक्त हूं।
  24. मेरे चारों ओर सिंक्रोनसिटीज (Synchronicities) हो रही हैं; यह चमत्कारों की शुरुआत है।
  25. मैं अपनी इच्छाओं का सच्चा और योग्य पात्र हूं।
  26. मेरे जीवन में अब संतुलन, समृद्धि और स्वास्थ्य बह रहा है।
  27. मैं अपनी आत्मा के उद्देश्य के साथ एक लाइन (Align) में हूं।
  28. मेरी चेतना अब विस्तार ले रही है; मैं खुद को ब्रह्मांड के साथ ‘एक’ महसूस करता हूं।
  29. मैं हर सुबह ब्रह्मांड से एक नया वरदान स्वीकार करता हूं।
  30. मैं ग्रेटफुल हूं कि मैं जिंदा हूं, सीख रहा हूं और प्रेम में जी रहा हूं।
  31. मेरी ऊर्जा अब आकर्षण का केंद्र बन रही है; मैं जो चाहता हूं वही खींचता हूं।
  32. यूनिवर्स मुझे देख रहा है, सुन रहा है और मेरे साथ चल रहा है।
  33. आज का दिन मेरा है। मैं शक्ति हूं। मैं प्रकाश हूं। मैं प्रेम हूं।

affirmation मेडिटेशन (ध्यान प्रक्रिया)

अब बस कुछ पल अपने लिए निकालिए, अपने आप से मिलने के लिए और यूनिवर्स से जुड़ने के लिए।

  1. जहां आप हैं, बस वहीं शांत होकर बैठ जाइए। अपनी आंखें धीरे से बंद कर लीजिए और एक लंबी गहरी सांस लीजिए। जीवन की ऊर्जा को अंदर खींचिए और हर चिंता, हर थकावट, हर उलझन को छोड़ दीजिए और gratitude को अपनाओ ।
  2. अब अपने दिल में, अपने भीतर के उस पवित्र स्थान पर जाइए जहां सिर्फ शांति है, प्रेम है और आभार है।
  3. धीरे-धीरे अपने मन में दोहराइए: “थैंक यू यूनिवर्स… थैंक यू लाइफ… थैंक यू मी।”
  4. हर शब्द को दिल से कहिए, मानो आपके शब्दों से प्रकाश निकल रहा हो और वह प्रकाश पूरे ब्रह्मांड में फैल रहा हो।
  5. महसूस कीजिए कि आपके चारों ओर एक अदृश्य शक्ति है, जो आपको देख रही है। अपने भीतर यह भावना जगाइए—“मैं धन्य हूं, मैं कृतज्ञ हूं, मैं पूरी तरह सुरक्षित और समर्थ हूं।” आप पूरी तरह से gratitude से भरे हो।
  6. यूनिवर्स से एक विनम्र लेकिन शक्तिशाली निवेदन कीजिए: “प्रिय ब्रह्मांड, मुझे और अवसर दें, और अनुभव दें। मुझे वह दिखाएं जो मेरे सर्वोच्च विकास के लिए है। मुझे वह बनाएं जो मैंने कभी सोचा भी नहीं था। क्योंकि मैं अब तैयार हूं।”

धीरे-धीरे अपने चेहरे पर एक हल्की मुस्कान लाइए। वो मुस्कान जो आपके भीतर के सत्य से आ रही है। आज का दिन आपका है। आप अलाइंड हैं, अवेकेंड हैं और एम्पावर्ड हैं।

धन्यवाद ब्रह्मांड।

gratitude की रोशनी-

रवि एक साधारण परिवार से था। छोटा सा घर, सीमित साधन और ज़िम्मेदारियों से भरा जीवन। वह शहर के एक कॉलेज में पढ़ता था और साथ-साथ एक छोटी सी दुकान पर काम करता था, ताकि अपनी पढ़ाई का खर्च निकाल सके। हर दिन सुबह जल्दी उठना, लंबा सफर तय करना और रात को थका हुआ लौटना—यह उसकी दिनचर्या बन चुकी थी।

लेकिन रवि के मन में हमेशा एक शिकायत रहती थी।
“मेरे दोस्त कितने खुशकिस्मत हैं,” वह सोचता,
“किसी को काम नहीं करना पड़ता, किसी के पास महंगे फोन हैं, अच्छे कपड़े हैं। और मैं… बस मेहनत ही करता रहता हूँ।”

धीरे-धीरे यह शिकायत उसके स्वभाव का हिस्सा बन गई। वह चिड़चिड़ा रहने लगा, पढ़ाई में मन नहीं लगता, और छोटी-छोटी बातों पर निराश हो जाता।

एक दिन कॉलेज से लौटते समय उसकी बस रास्ते में खराब हो गई। सभी यात्री नीचे उतर गए। पास ही एक चाय की दुकान थी। रवि वहीं बैठ गया। उसी समय उसने देखा—एक बुज़ुर्ग व्यक्ति सड़क किनारे बैठा था, जिनकी एक टांग नहीं थी। वे मुस्कराते हुए लोगों से बात कर रहे थे।

रवि के मन में सवाल उठा—
“इतनी तकलीफ के बाद भी यह इंसान इतना शांत और खुश कैसे है?”

थोड़ी देर बाद उस बुज़ुर्ग की नज़र रवि पर पड़ी। उन्होंने मुस्कराकर कहा,
“बेटा, परेशान लग रहे हो।”

रवि ने अनमने ढंग से कहा,
“ज़िंदगी बहुत मुश्किल है।”

बुज़ुर्ग हल्के से हँसे और बोले,
“मुश्किल तो है, लेकिन क्या तुमने कभी यह देखा है कि तुम्हारे पास क्या-क्या है?”

रवि चुप रहा।

बुज़ुर्ग बोले,
“मैं चल नहीं सकता, लेकिन मैं ज़िंदा हूँ। मुझे सुबह सूरज दिखता है, चाय का स्वाद मिलता है, और लोगों से बात करने का मौका मिलता है। मैं इसके लिए रोज़ भगवान का gratitude जाहिर करता हूँ और धन्यवाद देता हूँ।”

ये शब्द रवि के दिल में उतर गए।

उस रात रवि ने पहली बार शिकायत करने की बजाय सोने से पहले सोचा अब से मैं gratitude को अपनाउंगा।
“मैं स्वस्थ हूँ। मैं पढ़ सकता हूँ। मेरे माता-पिता जीवित हैं। मेरे पास सपने देखने का मौका है।”

अगली सुबह उसने खुद से कहा,
“आज मैं जो है, उसके लिए gratitude(कृतज्ञ) रहूँगा।”

धीरे-धीरे रवि की सोच बदलने लगी। काम अब उसे बोझ नहीं लगता था, बल्कि एक अवसर लगने लगा। पढ़ाई में उसका मन लगने लगा। वह छोटी-छोटी बातों में खुशी खोजने लगा—सुबह की हवा, दोस्तों की हँसी, मेहनत के बाद की संतुष्टि।

समय बीतता गया। रवि ने अपनी पढ़ाई पूरी की और एक अच्छी नौकरी पा ली। लेकिन सबसे बड़ी बात यह थी कि अब वह पहले जैसा शिकायत करने वाला इंसान नहीं रहा क्योकि अब उसके पास gratitude की शक्ति आ गयी है।

एक दिन वह उसी चाय की दुकान के पास से गुज़रा। वह बुज़ुर्ग वहाँ नहीं थे। दुकानदार ने बताया,
“वे कहा करते थे—gratitude इंसान को अमीर बना देती है, चाहे जेब खाली ही क्यों न हो।”

रवि की आँखें नम हो गईं।
उसने मन ही मन कहा—
“धन्यवाद… क्योंकि आपने मुझे देखना सिखाया कि मेरे पास कितना कुछ है।”

और उसी क्षण रवि ने महसूस किया—
सच्ची खुशी पाने के लिए परिस्थितियों का बदलना ज़रूरी नहीं,
gratitude का भाव होना ज़रूरी है।

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